दोहा के वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार की रात, 23 नवंबर 2025 को, एक ऐसा मैच खेला गया जिसे देखकर क्रिकेट प्रशंसकों के दिल धड़क उठे। पाकिस्तान शाहींस ने बांग्लादेश ए को सुपर ओवर में हराकर डीपी वर्ल्ड मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 का खिताब जीत लिया। दोनों टीमों ने 20 ओवर में 125 रन बनाए — बराबरी के बाद जीत का फैसला एक ओवर में हुआ। और फिर, जैसे ही साद मसूद ने आखिरी गेंद पर एक अजीब सी इनसाइड-एज की गेंद को लेग स्टंप के पास से गुजार दिया, पूरा स्टेडियम धूम मचा गया।
शुरुआत बर्बाद, फिर बचाव
जब पाकिस्तान शाहींस बल्लेबाजी करने उतरे, तो शुरुआत बर्बाद हो गई। 25-3 के नुकसान के बाद टीम बिखर रही थी। तब आया माज सदकत — एक छोटा सा बल्लेबाज, जिसने 18 गेंदों में 23 रन बनाए। उसके बाद अरफात मिनहास ने 23 गेंदों में 25 रन जोड़े। लेकिन असली काम साद मसूद ने किया — 38 रन, जिनमें बहुत सारे चौके और एक छक्का भी शामिल था। आखिरी तक वो टीम के साथ थे। बांग्लादेश ए के रिपन मोंडोल ने 3 विकेट लिए, और राकिबुल हसन ने 2। पाकिस्तान का स्कोर 125 रन पर खत्म हुआ।
बांग्लादेश की शुरुआत जबरदस्त, फिर गिरावट
बांग्लादेश ए की बल्लेबाजी शुरू हुई तो ऐसा लगा जैसे वो जीत चुके हैं। पहले 2.3 ओवर में 22 रन बिना किसी विकेट के। लेकिन फिर — जैसे ही स्पिन आया, बांग्लादेश की टीम फंस गई। सुफ्यान मोकिम ने 3 विकेट सिर्फ 11 रन में लिए। अरफात मिनहास ने 2 विकेट केवल 5 रन में। माज सदकत और साद मसूद ने भी अपने-अपने विकेट लिए। अहमद दानियाल ने भी 2 विकेट लिए। बांग्लादेश का स्कोर 125/9 पर रुक गया। आखिरी ओवर में 7 रन की जरूरत थी। दो लेग बाईज़ पर बराबरी हो गई।
सुपर ओवर: जीत का निर्णय
सुपर ओवर में अहमद दानियाल ने अपनी बॉलिंग से बांग्लादेश ए को सिर्फ 6 रन पर रोक दिया — और दो विकेट भी लिए। पाकिस्तान को 7 रन की जरूरत थी। आखिरी गेंद पर, साद मसूद ने एक लंबी गेंद को लेग स्टंप के पास से इनसाइड-एज कर दिया। एक रन। जीत। खुशी का तूफान।
मसूद ने हवा में मुट्ठी बंधाई। सदकत ने उसे गले लगा लिया। पूरी टीम खेल मैदान पर भाग पड़ी। ये वो पल था जिसे आप कभी नहीं भूलेंगे।
कप्तान का इज़हार: हमने स्पिन के सामने बल्ला नहीं चलाया
बांग्लादेश ए के कप्तान अकबर अली ने मैच के बाद एक ईमानदार बयान दिया: "हमारे पास विश्वास तो था, लेकिन शॉट सेलेक्शन बहुत खराब रहा। हम खुद को दोषी मानते हैं। इस विकेट पर स्पिन के सामने बल्लेबाजी करना मुश्किल था। हमने उस लड़ाई को नहीं जीता।"
उनकी बात सच है। विकेट बहुत धीमा था। गेंद जमीन पर रुक रही थी। जो बल्लेबाज शॉट लगाने की कोशिश करता था, वो आउट हो जाता था। जो बैक पर बैठ गया, वो बच गया। और पाकिस्तान के स्पिनर्स ने इसी को बखूबी इस्तेमाल किया।
माज सदकत: टूर्नामेंट का सबसे बड़ा खिलाड़ी
माज सदकत को टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द सीरीज घोषित किया गया। उन्होंने बल्लेबाजी में 23 रन बनाए, बॉलिंग में 1 विकेट लिया, और फाइनल में बचाव का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा: "मैंने अपने आप पर भरोसा किया। कोच ने बताया कि क्या करना है, कप्तान ने मुझे भरोसा दिया। मैंने सिर्फ योजना पर चलकर गलतियाँ कम कीं।"
उनकी बात में एक बड़ी बात है — ये टीम नहीं, बल्कि एक अनुभवी बच्चों की टीम थी। जिनमें से अधिकांश अभी तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी नहीं खेल चुके थे। फिर भी उन्होंने एशिया के सबसे बड़े युवा टूर्नामेंट को जीत लिया।
तीसरा खिताब, दोहा में
ये जीत पाकिस्तान शाहींस का दोहा में तीसरा खिताब है। पहले दो भी यहीं मिले थे। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने इसे अपने ऑफिशियल चैनल्स पर पुष्टि किया। डीपी वर्ल्ड एफ़ज़-एलएलसी इस टूर्नामेंट का टाइटल स्पॉन्सर था।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने जीत के बाद खिताब प्रदान किया। बांग्लादेश ए को रनर-अप का पदक मिला।
ये जीत सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक संकेत है — पाकिस्तान के युवा क्रिकेटर्स अब दुनिया के सामने खड़े हो रहे हैं। और वो खेल रहे हैं बिना डर के।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस जीत का क्या महत्व है?
यह जीत पाकिस्तान शाहींस का दोहा में तीसरा युवा टूर्नामेंट खिताब है, जो उनकी निरंतर उत्कृष्टता को दर्शाता है। इससे पाकिस्तान के युवा क्रिकेटर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वास मिलता है। टूर्नामेंट में खेलने वाले 15 से 22 वर्षीय खिलाड़ियों में से कई भविष्य में पाकिस्तान की टीम में शामिल हो सकते हैं।
क्यों स्पिनर्स ने इतना बड़ा योगदान दिया?
विकेट बहुत धीमा और स्पिन के लिए अनुकूल था। गेंद जमीन पर रुक रही थी, और बल्लेबाज आउट बन रहे थे। सुफ्यान मोकिम (3-11), अरफात मिनहास (2-5) और अन्य चारों स्पिनर्स ने मिलकर 7 विकेट लिए। ये एक ऐसा पैटर्न है जो पाकिस्तान के युवा टीमों में अब आम हो रहा है।
बांग्लादेश ए क्यों हार गया?
बांग्लादेश ए की टीम शुरुआत में बहुत तेज थी, लेकिन स्पिन के खिलाफ शॉट सेलेक्शन खराब रहा। उन्होंने खुद को बहुत जल्दी आउट कर लिया। कप्तान अकबर अली ने स्वीकार किया कि वे स्पिन के सामने असफल रहे। अंतिम ओवर में 7 रन की जरूरत थी, लेकिन वे दो बार बराबरी पर आ गए।
माज सदकत और साद मसूद कौन हैं?
माज सदकत और साद मसूद दोनों ही 20 साल के आसपास के युवा बल्लेबाज हैं। सदकत ने टूर्नामेंट में 187 रन बनाए और 4 विकेट लिए। मसूद ने फाइनल में 38 रन बनाए और सुपर ओवर में जीत का रन बनाया। दोनों को अभी तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कम अवसर मिले हैं, लेकिन ये प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए लायक बना रहा है।
अगला कदम क्या है?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इन खिलाड़ियों को अगले छह महीनों में घरेलू लिस्ट ए टूर्नामेंट में शामिल करेगा। इसके बाद वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवा टेस्ट सीरीज के लिए चुने जा सकते हैं। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने अगले साल एशिया कप राइजिंग स्टार्स को श्रीलंका में आयोजित करने की घोषणा की है।
क्या यह जीत पाकिस्तान के प्रथम श्रेणी क्रिकेट को प्रभावित करेगी?
जी हाँ। इस जीत ने देशभर में युवा क्रिकेटर्स के लिए नई प्रेरणा दी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पहले ही युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर बढ़ाने की घोषणा की है। अब टीमों के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने का दबाव बढ़ गया है।